अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए कौशल विकास केंद्र
भारत सरकार के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअल माध्यम से उत्तर प्रदेश के पिलखुवा में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण(Fire Safety Training) के लिए कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centre -SDC) का उद्घाटन किया।
अग्निसुरक्षा प्रशिक्षण के लिए कौशल विकास केंद्र
अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए कौशल विकास केंद्र को दिल्ली स्थित डीआरडीओ के ‘अग्नि, विस्फोटक और पर्यावरण सुरक्षा प्रयोगशाला केन्द्र’(Centre for Fire, Explosive and Environment Safety -CFEES) द्वारा विकसित किया गया है।
भारत में अपनी तरह का यह पहला कौशल विकास केंद्र (एसडीसी) है।
इसे अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाकर और यथार्थवादी पैमाने पर अग्नि के दृष्टिकोण से सिमुलेशन सिस्टम स्थापित करके बनाया गया है ताकि चुनौतियों का सामना किया जा सके व सशस्त्र बलों में रक्षा अग्निशमन सेवा के कार्मिकों और लड़ाकों के कौशल को बढ़ाया जा सके।
उत्तर प्रदेश के पिलखुवा में 24 एकड़ क्षेत्र में फैली रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की इस सुविधा का उपयोग अग्निशमन रोकथाम और अग्निशमन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों, डीआरडीओ, आयुध कारखानों, तटरक्षक बल और रक्षा उपक्रमों के अग्निशमन सेवा कर्मियों द्वारा किया जाएगा।
इसकेे अलावा भूटान, श्रीलंका और अन्य पड़ोसी देशों के प्रशिक्षुओं को भी इस केंद्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह संभावना है कि यह सुविधा उनके ज्ञान और अग्निशमन कौशल को मजबूत करने और उभरते उच्च तकनीकी वातावरण में आग के खतरों से निपटने के लिए उन्हें तैयार करेगी।
ऐसी उच्च स्तरीय सुविधाओं में अग्निशमन कर्मियों के प्रशिक्षण से रक्षा प्रतिष्ठानों में उच्च स्तरीय अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का कार्यान्वयन होगा जिसके परिणामस्वरूप अग्नि दुर्घटनाओं के कारण होने वाले नुकसान और संपत्ति को कम से कम किया जा सकेगा ।
उद्देश्य व महत्व
इस कौशल विकास केंद्र का उद्देश्य प्रशिक्षित मानव संसाधन, अग्नि सुरक्षा प्रौद्योगिकी और उत्पादों को विकसित करना है
ताकि जानमाल के नुकसान को बचाया जा सके।
अग्निि सुरक्षा के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
किसी भी अग्निकांड में हमारा राष्ट्र बहुमूल्य जीवन और बहुमूल्य संपत्ति खो देता है।
इस तरह के नुकसान को रोकने के लिए यह प्रशिक्षण केंद्र कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने और ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने में एक लंबा रास्ता तय करेगा ।
अग्निशमन सेवाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(National Disaster Management Authority-NDMA) ने अग्निशमन सेवाओं से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किये हैं।
सभी राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों व उनसे सम्बद्ध स्थानीय निकायों द्वारा इन दिशा-निर्देशों का अनुपालन किये जाने की अपेक्षा की गई है।
गौरतलब है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243W व 12वीं अनुसूची में अग्निशमन सेवाएँ से संबन्धित प्रावधान हैं।
भारत सरकार द्वारा निर्मित भारतीय भवन निर्माण संहिता, 2016 (National Building Code of India, 2016) में भवनों में आग लगने की घटनाओं तथा उनसे बचाव के आवश्यक उपायों का उल्लेख किया गया है।
फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया(FSAI) एक गैर-लाभकारी संगठन है जो 2002 से फायर प्रोटेक्शन के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।
हाल ही में भारत का पहला फायर पार्क ओडिशा में स्थापित किया गया है।
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