शहरीकरण
संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का शहरों में जाकर रहना और वहाँ काम करना भी 'शहरीकरण' है।
शहरी क्षेत्रों के भौतिक विस्तार मसलन क्षेत्रफल, जनसंख्या जैसे कारकों का विस्तार शहरीकरण कहलाता है।
भारत में शहरीकरण
वर्ष 2001 तक भारत की आबादी का 27.81% हिस्सा शहरों में रहता था। वर्ष 2011 तक यह 31.16% और वर्ष 2018 में यह आँकड़ा बढ़कर 33.6% हो गया।
- वर्ष 2001 की जनगणना में शहर-कस्बों की कुल संख्या 5161 थी, जो वर्ष 2011 में बढ़कर 7936 हो गई।
- भारत की शहरी आबादी का लगभग 17.4% झुग्गी-झोपड़ी में रहता है।
- संयुक्त राष्ट्र की एक नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में विश्व की आधी आबादी शहरों में रहने लगी है और वर्ष 2050 तक भारत की आधी आबादी महानगरों और शहरों में रहने लगेगी।
- भारत में शहरीकरण तेज़ी से बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर भी तब तक कुल आबादी का 70% हिस्सा शहरों में निवास करने लगेगा।
बढ़ते शहरीकरण का कारण
- शहरीकरण के बढ़ने का एक प्रमुख कारण बेरोज़गारी है।
- गांव में जोत की कम भूमि और परिवार का बड़ा आकार,
- शहरी प्रवासन के लिये जाति-प्रथा भी एक महत्त्वपूर्ण कारक है।
- शहरी क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी सुविधाएँ जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन की सुगम व्यवस्था आदि।
- कृषि में होने वाले नुकसान की वज़ह से लोग कृषि छोड़कर रोज़गार की तलाश में शहर आते हैं।
- वर्ष 1990 के बाद निज़ी क्षेत्र का विकास हुआ। जिससे बड़े कारखाने व फ़ैक्टरियों का विकास शहरों तथा महानगरों में ही हुआ।
शहरीकरण से संबंधित समस्याएँ
- भूमि की समस्या।
- आवास और गंदी बस्तियों की समस्या।
- सामाजिक सुरक्षा का अभाव।
- पारिवारिक विघटन।
- पर्यावरण समस्या।
- आर्थिक असमानता।
- जनांकिकीय असंतुलन की समस्या।
- खाद्य सुरक्षा की समस्या
शहरीकरण का प्रभाव
शहरीकरण की प्रक्रिया के चलते आज संयुक्त परिवार एकाकी परिवार में बदल रहे हैं।
शहरीकरण ने जाति व्यवस्था पर भी प्रभाव डाला है। वर्तमान में जातीयता के प्रति कटुता में कमी आई है।
शहरीकरण ने धार्मिक क्षेत्र पर भी प्रहार किया है।
शहरीकरण की प्रक्रिया ने महिलाओं की सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों में व्यापक बदलाव किया है।
महिलाओं की परिस्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में अधिक ऊँची है।
शहरीकरण की समस्या से निपटने के लिये सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास -
- सरकार द्वारा शहरों के ठीक प्रकार से नियोजन के लिये स्मार्ट सिटी मिशन की अवधारणा को अपनाया गया है।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आवास दिये जा रहे है।
- पर्यवरण से निपटने के लिए पेड़ पौधे लगये जा रहे है
- जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के अंतर्गत शहरों का कायाकल्प करने का प्रयास किया जा रहा है।
- कायाकल्प और शहरी रूपान्तरण के लिये अटल मिशन यानी अमृत योजना के अंतर्गत शहरों की अवसंरचना को मज़बूत किया जा रहा है।
शहरीकरण का महत्व
- विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक़, दुनिया की 54% से अधिक आबादी अब शहरी क्षेत्रों में निवास करती है।
- ये आबादी वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 80% का योगदान करती है और दो-तिहाई वैश्विक ऊर्जा का उपभोग करती है, साथ ही 70% ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन के लिये भी जिम्मेदार है
- शहरीकरण के कारण आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है
- ।शहरीकरण और शिक्षा के विकास के कारण जाति-प्रथा जैसी व्यवस्थाएँ अब ध्वस्त हो रही हैं।
- प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी के चलते लोगों रहन-सहन का स्तर बेहतर होता है
- उत्पादकता को बढ़ाता है और विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करता है।
by RAMMILN KUSHWAHA
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